पत्रकारिता धर्म की आड़ में मालामाल

 कल राहुल गाँधी ने एक ट्वीट किया कि " बीजेपी और संघ भारत मे फेसबुक और वाट्सप पर नियंत्रण करती है जिसके माध्यम से ये अपना ही प्रचार करवाते हैं।"

राहुल गांधी के इस वक्तव्य के पीछे हम नही जाते।  बात करेंगे लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की जो आज लड़खड़ा ही रह अपितु इन पार्टियों की गुलामी करते करते विकृत हो कर धराशायी भी हो चुका है। पूरी दुनिया मे करोना के नाम पर डराया जा रहा है। क्या करोना से ज्यादा मास्क और सरकार की पाबन्दियों से लोग ज्यादा मर रहे हैं। ये तो हुए मीडिया के लिए बहस के विषय परन्तु आज तक वाले हल्ला बोल कार्यक्रम में राहुल गाँधी के इस ट्वीट के पीछे पड़ गए। इस ट्वीट का रायता बना कर पूरे देश मे फैला कर ही दम लेंगे। अब इन पार्टियों को भी पता लग चुका है कि देश को मुद्दों से कैसे भटकाना है।  जब तक देश का मीडिया सत्ता पक्ष की चाटूकारिता करेगा तब तक फेसबुक और व्हाट्सएप्प जिसे महान और पसन्दीदा बनाने की कोशिश कर रहे हैं वो कोशिश कामयाब होती रहेगी।

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